जनियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
अब्दुल खालेक (INC) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 56.4% वोट पाकर जनिया सीट जीती और रफिकुल इस्लाम (AIUDF) को 29,736 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 44 ग्वालपाड़ा पश्चिम थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 44 गोरेश्वर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अब्दुल खालेक 19.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अब्दुल खालेक UPA | UPA | 86,93056.4% |
| 2 | रफिकुल इस्लाम | 57,19437.1% | |
| 3 | बेनज़ीर आरफान NDA | NDA | 6,0673.9% |
| 4 | मैनुल हक | 1,9761.3% | |
| 5 | अमीर हुसैन RSSC | RSSC | 7690.5% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 6890.5% |
| 6 | मो. सुल्तान महमूद RAJPA | RAJPA | 5060.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और AIUDF को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.24 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जनिया से कौन जीता, 1978–2021
INC ने यह सीट AIUDF से छीन ली, जिसने इसे 2011 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 2006 में जीत दर्ज की थी। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2011 के 83.9% से बढ़कर 88.7% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में यह सीट AIUDF ने जीती।
- 1978अब्दुस शोभन (INC(I)), जीत का अंतर 16.5%
- 1983अब्दुस शोभन (IND), जीत का अंतर 16.1%
- 1985ए.एफ़. गुलाम उस्मानी (IND), जीत का अंतर 66.9%
- 1991असहाक अली (IND), जीत का अंतर 3.5%
- 1996अब्दुर रऊफ (UMFA), जीत का अंतर 1.2%
- 2001असहाक अली (INC), जीत का अंतर 4.2%
- 2006अब्दुल खालेक (INC), जीत का अंतर 0.1%
- 2011रफिकुल इस्लाम (AIUDF), जीत का अंतर 15.3%
- 2016अब्दुल खालेक (INC), जीत का अंतर 19.3%
- 2021रफिकुल इस्लाम (AIUDF), जीत का अंतर 78.4%