मोरीगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
मुनिन महंत (CPI) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 23.5% वोट पाकर मोरीगांव सीट जीती और लखी महंत (AGP) को 1,093 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 80 बिश्वनाथ थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 80 जोनाई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मोरीगांव का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,093 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मुनिन महंत वाम दल | वाम दल | 15,63523.5% |
| 2 | लखी महंत | 14,54221.9% | |
| 3 | रमेश नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 7,71711.6% |
| 4 | कलीराम डेकारजा निर्दलीय | निर्दलीय | 7,30311.0% |
| 5 | गिरिधर पातर निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8815.8% |
| 6 | पितसिंग कोंवर जनता दल | जनता दल | 2,4083.6% |
| 7 | रिना पातर | 2,0443.1% | |
| 8 | फनी कोंवर NAGP | NAGP | 1,9482.9% |
| 9 | युनुश अली ठाकुरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9302.9% |
| 10 | बापूराम कलिता | 1,7622.6% | |
| 11 | बीरेन डेका निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6702.5% |
| 12 | पुनाराम बोरा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4782.2% |
| 13 | प्रदीप बोरा निर्दलीय | निर्दलीय | 8291.3% |
| 14 | भबेंद्र डेका | 7331.1% | |
| 15 | सुलेमान अली निर्दलीय | निर्दलीय | 6431.0% |
| 16 | मलेक अली निर्दलीय | निर्दलीय | 5190.8% |
| 17 | सुचेन डेका ICS(SCS) | ICS(SCS) | 4850.7% |
| 18 | सुरेन भारती निर्दलीय | निर्दलीय | 3370.5% |
| 19 | पुतुअल कोंवर निर्दलीय | निर्दलीय | 2820.4% |
| 20 | चन्द्र भराली निर्दलीय | निर्दलीय | 2660.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 57% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मोरीगांव से कौन जीता, 1978–2021
CPI ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह CPI की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 77.2% से घटकर 70.6% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978कलीराम देकता राजा (INC), जीत का अंतर 1.1%
- 1983मो. हुसैन (IND), जीत का अंतर 19.2%
- 1985हरेन्द्र बोरा (IND), जीत का अंतर 36.0%
- 1991मुनिन महंत (CPI), जीत का अंतर 1.6%
- 1996मुनिन महंत (CPI), जीत का अंतर 5.8%
- 2001जोनजोनाली बरुआ (INC), जीत का अंतर 19.2%
- 2006जोनजोनाली बरुआ (INC), जीत का अंतर 7.5%
- 2011जोनजोनाली बरुआ (INC), जीत का अंतर 23.9%
- 2016रामा कान्ता देउरी (BJP), जीत का अंतर 21.0%
- 2021रामा कान्ता देउरी (BJP), जीत का अंतर 23.3%