मोरीगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2011
जोनजोनाली बरुआ (INC) ने 2011 के विधान सभा चुनाव में 48.0% वोट पाकर मोरीगांव सीट जीती और बीरेश्वर मेधी (AGP) को 27,721 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 80 बिश्वनाथ थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 80 जोनाई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जोनजोनाली बरुआ 23.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जोनजोनाली बरुआ UPA | UPA | 55,81148.0% |
| 2 | बीरेश्वर मेधी | 28,09024.2% | |
| 3 | मुनिन महंत | 19,11416.4% | |
| 4 | प्रहलाद चन्द्र भुइयां NDA | NDA | 7,5146.5% |
| 5 | अनुपम बरुआ | 2,4142.1% | |
| 6 | मिलेश्वर पातर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2832.0% |
| 7 | अबुद्दीन अहमद UPA | UPA | 1,0020.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.69 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मोरीगांव से कौन जीता, 1978–2021
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 2001 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 41.6% से बढ़कर 48.0% हो गया। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2006 के 78.2% से घटकर 77.0% रह गया। इसके बाद 2016 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1978कलीराम देकता राजा (INC), जीत का अंतर 1.1%
- 1983मो. हुसैन (IND), जीत का अंतर 19.2%
- 1985हरेन्द्र बोरा (IND), जीत का अंतर 36.0%
- 1991मुनिन महंत (CPI), जीत का अंतर 1.6%
- 1996मुनिन महंत (CPI), जीत का अंतर 5.8%
- 2001जोनजोनाली बरुआ (INC), जीत का अंतर 19.2%
- 2006जोनजोनाली बरुआ (INC), जीत का अंतर 7.5%
- 2011जोनजोनाली बरुआ (INC), जीत का अंतर 23.9%
- 2016रामा कान्ता देउरी (BJP), जीत का अंतर 21.0%
- 2021रामा कान्ता देउरी (BJP), जीत का अंतर 23.3%