पाटाचारकुचीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
कृष्ण कान्ता लहकर (निर्दलीय) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 21.9% वोट पाकर पाटाचारकुची सीट जीती और प्रेमानंदा हज़ारिका (निर्दलीय) को 5,605 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 42 अभयापुरी थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 42 बक्सा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्ण कान्ता लहकर निर्दलीय | निर्दलीय | 13,98721.9% |
| 2 | प्रेमानंदा हज़ारिका निर्दलीय | निर्दलीय | 8,38213.1% |
| 3 | परेश हलोई NAGP | NAGP | 8,21212.8% |
| 4 | झुबनेश्वर बर्मन जनता दल | जनता दल | 4,8087.5% |
| 5 | अर्जुन शिंग | 4,1956.5% | |
| 6 | संपूर्णानंद तालुकदार | 4,0656.3% | |
| 7 | भबेन चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 4,0136.3% |
| 8 | मनोरंजन कलिता निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8616.0% |
| 9 | नागेन्द्र कलिता निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5754.0% |
| 10 | परमानंद गोस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2723.5% |
| 11 | गणेश्वर बोरो निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1543.4% |
| 12 | मलिन डेका निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2772.0% |
| 13 | दिलीप बरुआ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2291.9% |
| 14 | निरंजन शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 8541.3% |
| 15 | गदाहर दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 6231.0% |
| 16 | दिनेश चन्द्र मेधी निर्दलीय | निर्दलीय | 5850.9% |
| 17 | दिनेश दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2570.4% |
| 18 | किरण चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2270.3% |
| 19 | हरेकृष्ण दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1790.3% |
| 20 | प्रसन्न पाटगिरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1540.2% |
| 21 | सुभाष जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 48% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 9.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पाटाचारकुची से कौन जीता, 1978–2021
1985 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत 1985 के 86.9% से घटकर 65.7% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट AGP ने जीती।
- 1978भुबनेश्बर बर्मन (JNP), जीत का अंतर 8.8%
- 1983रवि राम दास (INC), निर्विरोध निर्वाचित
- 1985पाबिन च. डेका (IND), जीत का अंतर 86.2%
- 1991कृष्ण कान्ता लहकर (IND), जीत का अंतर 8.8%
- 1996मोहन दास (AGP), जीत का अंतर 45.7%
- 2001पबिन्द्र डेका (IND), जीत का अंतर 0.1%
- 2006डॉ. मलय बर्मन (INC), जीत का अंतर 1.1%
- 2011मनोरंजन दास (BJP), जीत का अंतर 5.2%
- 2016पबिन्द्र डेका (AGP), जीत का अंतर 49.7%
- 2021रंजीत कुमार दास (BJP), जीत का अंतर 55.4%