सिलचरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
लस्कर, मेहराब अली (निर्दलीय) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 23.0% वोट पाकर सिलचर सीट जीती और चंदा, ज्योत्सना (INC) को 46 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 11 सिलचर पूर्व है।
विजेता
सिलचर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 46 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लस्कर, मेहराब अली निर्दलीय | निर्दलीय | 4,23223.0% |
| 2 | चंदा, ज्योत्सना | 4,18622.8% | |
| 3 | भट्टाचार्जी, अचिंता कु. | 3,41818.6% | |
| 4 | देब, सतिंद्र मोहन KMPP | KMPP | 3,32718.1% |
| 5 | चक्रवर्ती, दलीप कु. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6609.0% |
| 6 | आचार्य, बीरेश आर. | 1,2266.7% | |
| 7 | सिन्हा, सुखमय FBL(RG) | FBL(RG) | 1841.0% |
| 8 | बरलस्कर, जलाल उद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 64% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।