लहरीघाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
मोहम्मद रफ़ीक (निर्दलीय) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 38.5% वोट पाकर लहरीघाट सीट जीती और नुरुल इस्लाम (INC) को 445 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 65 धिंग है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मोहम्मद रफ़ीक 2.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद रफ़ीक निर्दलीय | निर्दलीय | 7,76438.5% |
| 2 | नुरुल इस्लाम | 7,31936.3% | |
| 3 | बरकाकती चन्द्र कान्ता KMPP | KMPP | 2,01310.0% |
| 4 | नाथ, हंशधर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6728.3% |
| 5 | सय्यद महबूबुल्लाह SP | SP | 8294.1% |
| 6 | बरदलोई, नागेन्द्र चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 5702.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.34 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।