बिजनीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
स्वामी कृष्णानंद ब्रह्मचारी (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 39.2% वोट पाकर बिजनी सीट जीती और पदमा लोचन बोरो (निर्दलीय) को 4,046 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 39 गौरीपुर है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — स्वामी कृष्णानंद ब्रह्मचारी 16.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | स्वामी कृष्णानंद ब्रह्मचारी | 9,55539.2% | |
| 2 | पदमा लोचन बोरो निर्दलीय | निर्दलीय | 5,50922.6% |
| 3 | राम प्रसाद दास SP | SP | 4,09316.8% |
| 4 | गौरीशंकर कर्माकर KMPP | KMPP | 2,1618.9% |
| 5 | बालेन्द्र चन्द्र राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8957.8% |
| 6 | प्रभात चन्द्र बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1714.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।