बिलासीपाराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
मो. उमरुद्दीन (निर्दलीय) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 48.5% वोट पाकर बिलासीपारा सीट जीती और जतीन्द्र नारायण नियोगी (निर्दलीय) को 10,372 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 38 धुबरी है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मो. उमरुद्दीन 34.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मो. उमरुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 14,73648.5% |
| 2 | जतीन्द्र नारायण नियोगी निर्दलीय | निर्दलीय | 4,36414.4% |
| 3 | अब्दुल बारी सरकार | 3,12010.3% | |
| 4 | जहानुद्दीन अहमद SP | SP | 2,3307.7% |
| 5 | खगेंद्र नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8186.0% |
| 6 | चैतन्य देब चक्रवर्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7005.6% |
| 7 | तीर्थ लोचन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1623.8% |
| 8 | प्रफुल्ल कुमार चक्रवर्ती | 6572.2% | |
| 9 | हरेन्द्रनारायण सिंघा | 5061.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।