मोरीगांव धिंगविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में मोरीगांव धिंग से 2 सदस्य चुने गए: दास, बेलीराम (INC) और बोरा, मोतीराम (INC)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 66 रूपहीहाट है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — दास, बेलीराम 17.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दास, बेलीराम | 20,84627.7% | |
| 2 | बोरा, मोतीराम | 20,36727.1% | |
| 3 | कोंवर, पितसिंग निर्दलीय | निर्दलीय | 7,81010.4% |
| 4 | भुइयां, हलधर KMPP | KMPP | 7,2379.6% |
| 5 | मो. हसन अली मास्टर निर्दलीय | निर्दलीय | 4,9876.6% |
| 6 | एम. नूरुद्दीन अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 4,6556.2% |
| 7 | नाथ, वदन चन्द्र दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5296.0% |
| 8 | बरुआ, हेम प्रसाद SP | SP | 4,0725.4% |
| 9 | हफ़ीजुद्दीन सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 7421.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।