बिश्वनाथविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
के.पी. त्रिपाठी (INC) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 52.5% वोट पाकर बिश्वनाथ सीट जीती और बी.सी. दास (निर्दलीय) को 7,253 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 80 गोलाघाट थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 80 मोरीगांव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — के.पी. त्रिपाठी 28.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के.पी. त्रिपाठी | 13,29552.5% | |
| 2 | बी.सी. दास निर्दलीय | निर्दलीय | 6,04223.9% |
| 3 | पी. उरांग निर्दलीय | निर्दलीय | 5,98823.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और एक निर्दलीय को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिश्वनाथ से कौन जीता, 1967–1972
इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1967के.पी. त्रिपाठी (INC), जीत का अंतर 28.6%
- 1972किशेश्वर बोरा (IND), जीत का अंतर 2.7%