बोंगाईगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
एम.एम. सिन्हा (INC) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 33.9% वोट पाकर बोंगाईगांव सीट जीती और एम.आर. खॉ (निर्दलीय) को 3,455 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 43 रामपुर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 43 बरपेटा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम.एम. सिन्हा | 9,51633.9% | |
| 2 | एम.आर. खॉ निर्दलीय | निर्दलीय | 6,06121.6% |
| 3 | जी.सी. सिंघा वाम दल | वाम दल | 4,47515.9% |
| 4 | ए.सी. सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 4,19214.9% |
| 5 | बी.सी. मेधी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4688.8% |
| 6 | ए.बी. दिहिदार निर्दलीय | निर्दलीय | 7292.6% |
| 7 | एच. गोस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 6422.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बोंगाईगांव से कौन जीता, 1967–1972
इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1967एम.एम. सिन्हा (INC), जीत का अंतर 12.3%
- 1972ध्रुव बरुआ (INC), जीत का अंतर 79.4%