लखीमपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2011
उत्पल दत्त (AGP) ने 2011 के विधान सभा चुनाव में 47.5% वोट पाकर लखीमपुर सीट जीती और घन बुरागोहाँई (INC) को 1,099 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 111 बिहपुरिया थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 111 रोंगखांग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
लखीमपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,099 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उत्पल दत्त | 52,56347.5% | |
| 2 | घन बुरागोहाँई UPA | UPA | 51,46446.5% |
| 3 | बंटी बोनिया NDA | NDA | 2,0401.8% |
| 4 | दिलवार हुसैन | 1,7071.5% | |
| 5 | अरूप कलिता | 1,3921.3% | |
| 6 | बुलू गोगोई UPA | UPA | 1,0761.0% |
| 7 | बिरिंचि पेगु | 5020.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AGP और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.22 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लखीमपुर से कौन जीता, 1978–2021
AGP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2006 में जीता था; AGP ने यहाँ पिछली बार 2001 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 2006 के 79.2% से घटकर 78.3% रह गया। इसके बाद 2016 के चुनाव में भी AGP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978सुलो बोरा (CPI), जीत का अंतर 3.9%
- 1983लेखन लहान (INC), जीत का अंतर 79.4%
- 1985उत्पल दत्त (IND), जीत का अंतर 35.0%
- 1991इन्द्र गोगोई (INC), जीत का अंतर 8.0%
- 1996उत्पल दत्त (AGP), जीत का अंतर 20.8%
- 2001उत्पल दत्त (AGP), जीत का अंतर 0.8%
- 2006घन बुरागोहाँई (INC), जीत का अंतर 4.0%
- 2011उत्पल दत्त (AGP), जीत का अंतर 1.0%
- 2016उत्पल दत्त (AGP), जीत का अंतर 3.1%
- 2021मानब डेका (BJP), जीत का अंतर 1.9%