हाजोविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2011
द्विपेन पाठक (AITC) ने 2011 के विधान सभा चुनाव में 30.8% वोट पाकर हाजो सीट जीती और किरिप चलिहा (INC) को 5,600 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 55 बोको थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 55 धिंग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | द्विपेन पाठक | 33,33130.8% | |
| 2 | किरिप चलिहा UPA | UPA | 27,73125.6% |
| 3 | नुरुल हुसैन | 21,14019.5% | |
| 4 | प्रांजल भराली NDA | NDA | 12,07511.2% |
| 5 | नुर महम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 10,3609.6% |
| 6 | रामेन च. लहकर | 2,1342.0% | |
| 7 | योगेश दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0701.0% |
| 8 | प्रणवज्य़ीत भराली निर्दलीय | निर्दलीय | 4710.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हाजो से कौन जीता, 1978–2021
AITC ने यह सीट AGP से छीन ली, जिसने इसे 2006 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह AITC की पहली जीत थी। यह 1991 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2006 के 80.1% से घटकर 78.4% रह गया। इसके बाद 2016 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1978रबीन्द्र नाथ मालाकार (JNP), जीत का अंतर 1.6%
- 1983बरकत उल्लाह (INC), जीत का अंतर 90.6%
- 1985कामाख्य़ा चरण चौधुरी (IND), जीत का अंतर 44.0%
- 1991वदन बरुआ (NAGP), जीत का अंतर 2.8%
- 1996नुरुल हुसैन (AGP), जीत का अंतर 45.7%
- 2001डॉ. हरेन दास (INC), जीत का अंतर 12.5%
- 2006नुरुल हुसैन (AGP), जीत का अंतर 8.2%
- 2011द्विपेन पाठक (AITC), जीत का अंतर 5.2%
- 2016सुमन हरिप्रिया (BJP), जीत का अंतर 6.6%
- 2021श्री सुमन हरिप्रिया (BJP), जीत का अंतर 9.5%