गौरीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2011
बनेंद्र कुमार मुशहरी (BOPF) ने 2011 के विधान सभा चुनाव में 40.4% वोट पाकर गौरीपुर सीट जीती और निज़ानुर रहमान (AIUDF) को 16,659 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 में सीट नंबर 24 नोंगपोह थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 24 बरपेटा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बनेंद्र कुमार मुशहरी BOPF | BOPF | 53,84940.4% |
| 2 | निज़ानुर रहमान | 37,19027.9% | |
| 3 | महिबुल हक UPA | UPA | 28,44421.4% |
| 4 | अशोक कुमार राय प्रधानी | 4,1363.1% | |
| 5 | नूरुल इस्लाम सेख निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5311.9% |
| 6 | जहीरुल हक UPA | UPA | 2,3151.7% |
| 7 | बिस्वजीत राय NDA | NDA | 2,2581.7% |
| 8 | रंजन साहा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2831.0% |
| 9 | मकबूल हुसैन AIMF | AIMF | 6160.5% |
| 10 | अभिसेख दे सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 5670.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.10 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गौरीपुर से कौन जीता, 1978–2021
BOPF ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 2006 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BOPF की पहली जीत थी। यह 1983 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2006 के 83.4% से बढ़कर 85.1% हो गया। इसके बाद 2016 के चुनाव में यह सीट AIUDF ने जीती।
- 1978मोहम्मद आजाद अली (JNP), जीत का अंतर 8.9%
- 1983जैनल आबेदीन (INC), जीत का अंतर 61.2%
- 1985अनिरुद्ध सिंघा चौधुरी (IND), जीत का अंतर 5.1%
- 1991मो. मोहिदुल हक (INC), जीत का अंतर 2.4%
- 1996बनेंद्र कुमार मुशहरी (IND), जीत का अंतर 3.5%
- 2001बनेंद्र कुमार मुशहरी (AGP), जीत का अंतर 3.3%
- 2006महिबुल हक (IND), जीत का अंतर 3.8%
- 2011बनेंद्र कुमार मुशहरी (BOPF), जीत का अंतर 12.5%
- 2016निजानूर रहमान (AIUDF), जीत का अंतर 12.4%
- 2021निज़ानुर रहमान (AIUDF), जीत का अंतर 26.6%