गौरीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
बनेंद्र कुमार मुशहरी (निर्दलीय) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 32.1% वोट पाकर गौरीपुर सीट जीती और महिबुल हक (INC) को 2,991 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 में सीट नंबर 24 नोंगपोह थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 24 बरपेटा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बनेंद्र कुमार मुशहरी 3.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बनेंद्र कुमार मुशहरी निर्दलीय | निर्दलीय | 27,48032.1% |
| 2 | महिबुल हक | 24,48928.6% | |
| 3 | उपेन्द्र नाथ राय | 14,45316.9% | |
| 4 | भानु शंकर राय संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 12,74714.9% |
| 5 | लियाकत अली सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8063.3% |
| 6 | जैनल आबेदीन AIIC(T) | AIIC(T) | 1,3571.6% |
| 7 | रबीन्द्र नारायण मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3201.5% |
| 8 | आजाद अली संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 4520.5% |
| 9 | जशारुद्दीन अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 3210.4% |
| 10 | जितेन राय निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गौरीपुर से कौन जीता, 1978–2021
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1991 के 83.0% से बढ़कर 84.2% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट AGP ने जीती।
- 1978मोहम्मद आजाद अली (JNP), जीत का अंतर 8.9%
- 1983जैनल आबेदीन (INC), जीत का अंतर 61.2%
- 1985अनिरुद्ध सिंघा चौधुरी (IND), जीत का अंतर 5.1%
- 1991मो. मोहिदुल हक (INC), जीत का अंतर 2.4%
- 1996बनेंद्र कुमार मुशहरी (IND), जीत का अंतर 3.5%
- 2001बनेंद्र कुमार मुशहरी (AGP), जीत का अंतर 3.3%
- 2006महिबुल हक (IND), जीत का अंतर 3.8%
- 2011बनेंद्र कुमार मुशहरी (BOPF), जीत का अंतर 12.5%
- 2016निजानूर रहमान (AIUDF), जीत का अंतर 12.4%
- 2021निज़ानुर रहमान (AIUDF), जीत का अंतर 26.6%