धुबरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2011
जहाँ उद्दीन (AIUDF) ने 2011 के विधान सभा चुनाव में 43.1% वोट पाकर धुबरी सीट जीती और नज़ीबुल उमर (INC) को 7,482 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 में सीट नंबर 23 शिलांग थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 23 चेंगा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जहाँ उद्दीन | 53,93743.1% | |
| 2 | नज़ीबुल उमर UPA | UPA | 46,45537.1% |
| 3 | डॉ. देबमय सन्याल NDA | NDA | 18,30114.6% |
| 4 | अबू आदिल मो. इनामुल हक | 2,9482.4% | |
| 5 | फैजुल हक UPA | UPA | 1,4751.2% |
| 6 | रोशों जमीर अलफ़ारूक़ UPA | UPA | 1,3391.1% |
| 7 | काज़ी जमीर उद्दीन अहमद | 6860.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AIUDF, INC और BJP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.89 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.08 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धुबरी से कौन जीता, 1978–2021
AIUDF ने यह सीट AUDF से छीन ली, जिसने इसे 2006 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह AIUDF की पहली जीत थी। यह 1991 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2006 के 80.2% से बढ़कर 81.6% हो गया। इसके बाद 2016 के चुनाव में भी AIUDF ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978मोहम्मद उमरुद्दीन (INC), जीत का अंतर 1.9%
- 1983मोहम्मद उमरुद्दीन (INC), जीत का अंतर 38.0%
- 1985मोसिर उद्दीन शेख (INC), जीत का अंतर 14.5%
- 1991ध्रुव कु. सेन (BJP), जीत का अंतर 5.3%
- 1996नज़ीबुल उमर (INC), जीत का अंतर 8.8%
- 2001नज़ीबुल उमर (INC), जीत का अंतर 19.7%
- 2006रसूल हक (AUDF), जीत का अंतर 27.3%
- 2011जहाँ उद्दीन (AIUDF), जीत का अंतर 6.0%
- 2016नजरुल हक (AIUDF), जीत का अंतर 15.8%
- 2021नजरुल हक (AIUDF), जीत का अंतर 44.1%