धुबरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2021
नजरुल हक (AIUDF) ने 2021 के विधान सभा चुनाव में 70.2% वोट पाकर धुबरी सीट जीती और डॉ. देबमय सन्याल (BJP) को 77,813 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 में सीट नंबर 23 शिलांग थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 23 चेंगा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नजरुल हक 44.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नजरुल हक Mahajot (Assam) (UPA गठबंधन) | Mahajot (Assam) (UPA गठबंधन) | 1,23,91370.2% |
| 2 | डॉ. देबमय सन्याल | 46,10026.1% | |
| 3 | रसूल हक निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1261.2% |
| 4 | आजाद अली शेख AJP | AJP | 1,7041.0% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,4830.8% |
| 5 | मोबारक हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 5070.3% |
| 6 | देवान हबीबुर रहमान | 3230.2% | |
| 7 | तहाबिल आलम सरकार | 2670.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AIUDF और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.39 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धुबरी से कौन जीता, 1978–2021
AIUDF ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 2011 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 40.1% से बढ़कर 70.2% हो गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2016 के 88.1% से बढ़कर 90.1% हो गया।
- 1978मोहम्मद उमरुद्दीन (INC), जीत का अंतर 1.9%
- 1983मोहम्मद उमरुद्दीन (INC), जीत का अंतर 38.0%
- 1985मोसिर उद्दीन शेख (INC), जीत का अंतर 14.5%
- 1991ध्रुव कु. सेन (BJP), जीत का अंतर 5.3%
- 1996नज़ीबुल उमर (INC), जीत का अंतर 8.8%
- 2001नज़ीबुल उमर (INC), जीत का अंतर 19.7%
- 2006रसूल हक (AUDF), जीत का अंतर 27.3%
- 2011जहाँ उद्दीन (AIUDF), जीत का अंतर 6.0%
- 2016नजरुल हक (AIUDF), जीत का अंतर 15.8%
- 2021नजरुल हक (AIUDF), जीत का अंतर 44.1%