सरभोगविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2011
रंजीत कुमार दास (BJP) ने 2011 के विधान सभा चुनाव में 31.3% वोट पाकर सरभोग सीट जीती और ए. सलीम (AIUDF) को 19,182 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 40 सिदली थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 40 तिहु है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रंजीत कुमार दास NDA | NDA | 40,71631.3% |
| 2 | ए. सलीम | 21,53416.5% | |
| 3 | अब्दुस समद अहमद UPA | UPA | 21,09916.2% |
| 4 | मनोरंजन तालुकदार | 20,60915.8% | |
| 5 | इयाद अली निर्दलीय | निर्दलीय | 20,51615.8% |
| 6 | मोहिदुल इस्लाम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3921.1% |
| 7 | मृणाल कान्ति सरकार UPA | UPA | 1,1900.9% |
| 8 | खनिन्द्र नाथ पाठक निर्दलीय | निर्दलीय | 8090.6% |
| 9 | फैजान नेसा निर्दलीय | निर्दलीय | 8070.6% |
| 10 | निर्मल कुमार अगरवाला निर्दलीय | निर्दलीय | 5560.4% |
| 11 | मनीराम पाटगिरी निर्दलीय | निर्दलीय | 5520.4% |
| 12 | खलीलुर रहमान UPA | UPA | 4920.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 64% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.13 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सरभोग से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 2006 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 2006 के 80.0% से बढ़कर 81.3% हो गया। इसके बाद 2016 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978हेमेन दास (CPM), जीत का अंतर 33.9%
- 1983हेमेन दास (CPM), जीत का अंतर 4.5%
- 1985हेमेन दास (CPM), जीत का अंतर 11.5%
- 1991छामचुल हक (INC), जीत का अंतर 4.1%
- 1996हेमेन दास (CPM), जीत का अंतर 27.2%
- 2001छामचुल हक (IND), जीत का अंतर 4.2%
- 2006उद्धब बर्मन (CPM), जीत का अंतर 5.8%
- 2011रंजीत कुमार दास (BJP), जीत का अंतर 14.7%
- 2016रंजीत कुमार दास (BJP), जीत का अंतर 11.5%
- 2021मनोरंजन तालुकदार (CPM), जीत का अंतर 5.4%