कम समय चली सरकार
क्या हुआ
पिछले चुनाव में सत्ता गँवाने वाली पार्टी ने इसे फिर हासिल कर लिया।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 117 सीटों में से 62 सीटें जीतीं।
यह जीत उसे 35.8% (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) के साथ मिली।
इसके बाद शिरोमणि अकाली दल 41 सीटों के साथ रही।
क्या बदला
यह पिछले चुनाव से एकदम उलटी तस्वीर थी।
वह तब की 14 सीटों से अब 62 सीटों पर पहुँच गई।
पिछले चुनाव के मुक़ाबले यह 48 सीटों की बढ़त थी।
(पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) पिछले चुनाव के मुक़ाबले 2.6 प्रतिशत अंक घटा।
अहम आँकड़े
चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अपने आप में ध्यान खींचते हैं।
इस चुनाव का सबसे कड़ा मुक़ाबला मानसा, पंजाब में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 44 वोट रहा।
इस चुनाव में सबसे बड़ा जीत का अंतर पटियाला टाउन, पंजाब में रहा, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 53.5% वोट आगे रहा।
पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से लुधियाना ग्रामीण, पंजाब राज्य का सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, जिसकी मतदाता सूची में 3,54,861 नाम थे।
इस चुनाव में सबसे ज़्यादा उम्मीदवार लुधियाना ग्रामीण, पंजाब में उतरे, बैलट पर 16 उम्मीदवार थे।
पृष्ठभूमि
उस साल के मुक़ाबले में मुख्य दलों से बाहर के निर्दलीय उम्मीदवार भी अच्छी-ख़ासी संख्या में उतरे।
उनमें से 9 अपने दम पर सीट जीते।