पंजाब 1957 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 120 सीटें (77.9%)IND: 13 सीटें (8.4%)BJS: 9 सीटें (5.8%)CPI: 6 सीटें (3.9%)SCF: 5 सीटें (3.2%)PSP: 1 सीट (0.6%)बहुमत के लिए 78154सरकार बनाने के लिए 78
चुनाव की कहानी

बड़ा पंजाब, बड़ी जीत

क्या हुआ

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने नए बड़े हुए पंजाब में भारी जीत के साथ सत्ता पर अपनी पकड़ और मज़बूत की।

कांग्रेस ने विधान सभा की 154 सीटों में से 120 सीटें जीतीं।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय सिर्फ़ 13 सीटें जीत सकी।

कांग्रेस के 47.5% रहा।

क्या बदला

पड़ोस के एक रियासती संघ के राज्य में मिलने के बाद पंजाब के बड़े नक्शे पर यह पहला चुनाव था।

बड़े राज्य के हिसाब से विधान सभा की सीटें 126 से बढ़कर 154 हो गईं।

121 में से 33 निर्वाचन क्षेत्रों में अब भी वही बहु-सदस्यीय व्यवस्था थी जो 1951 में भी लागू थी।

अहम आँकड़े

उस मतगणना के कुछ अलग-अलग परिणाम ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला भटिण्डा, पंजाब में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 79 वोट रहा।

दूसरी तरफ़, सुल्तानपुर, पंजाब में इस चुनाव का सबसे बड़ा जीत का अंतर रहा, जहाँ विजेता 48.6% वोट से आगे रहा।

सबसे ज़्यादा समालखा, पंजाब में रहा, 77.8%।

सबसे भरा हुआ बैलट सिरसा, पंजाब में था, जहाँ एक सीट के लिए 16 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

पंजाब का नक्शा अभी-अभी नए सिरे से बना था: राष्ट्रीय पुनर्गठन के तहत एक पूर्व रियासती संघ इसमें मिला दिया गया था।

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RBI 2024-25

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