पंजाब 1967 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 48 सीटें (46.2%)AD(S): 24 सीटें (23.1%)BJS: 9 सीटें (8.7%)IND: 9 सीटें (8.7%)CPI: 5 सीटें (4.8%)CPM: 3 सीटें (2.9%)RPI: 3 सीटें (2.9%)ADM: 2 सीटें (1.9%)SSP: 1 सीट (1.0%)बहुमत के लिए 53104सरकार बनाने के लिए 53
  • INC4846.2%
  • AD(S)2423.1%
  • BJS98.7%
  • निर्दलीय98.7%
  • CPI54.8%
  • CPM32.9%
  • RPI32.9%
  • ADM21.9%
  • SSP11.0%
चुनाव की कहानी

छोटे नक्शे पर त्रिशंकु विधान सभा

क्या हुआ

सत्ताधारी पार्टी ने पंजाब में किसी भी दूसरी पार्टी से ज़्यादा सीटें जीतीं, पर इस बार कोई भी पार्टी अकेले सरकार चलाने के लिए ज़रूरी आँकड़ा पार नहीं कर सकी।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 104 सीटों में से 48 सीटें हासिल कीं।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी अकाली दल - संत फतेह सिंह ग्रुप ने 24 सीटें जीतीं।

कांग्रेस के घटकर 37.5% रह गया।

क्या बदला

हरियाणा और पहाड़ी ज़िलों के अलग होने के बाद यह चुनाव पंजाब के छोटे हुए नक्शे पर हुआ।

छोटे राज्य के हिसाब से विधान सभा की सीटें 154 से घटकर 104 हो गईं।

इस बार कोई भी पार्टी 53 सीटों के बहुमत के आँकड़े को पार नहीं कर सकी, और विधान सभा बनी।

अहम आँकड़े

उस मतगणना में कुछ सीटों के परिणाम अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला गिद्दड़बाहा, पंजाब में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 57 वोट रहा।

दूसरे छोर पर, डकाला, पंजाब में विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 73.5% वोट आगे रहा।

सबसे ज़्यादा समराला, पंजाब में रहा, 76.4%।

सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला अबोहर, पंजाब में था, जहाँ एक सीट के लिए 11 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

पंजाब का नया, छोटा नक्शा देश भर में राज्यों के पुनर्गठन से निकला था।

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RBI 2024-25

सभी 104 सीटें