पहली बार सरकार दोबारा चुनी गई
क्या हुआ
एक पार्टी फिर जीती, जबकि (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) में उसकी सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी उससे आगे रही।
शिरोमणि अकाली दल ने अपने दम पर 56 सीटें जीतीं, जो बहुमत से कम थीं।
इंडियन नेशनल कांग्रेस को मतों का बड़ा हिस्सा मिला: 40.1%।
क्या बदला
सत्ताधारी साझेदारी लगातार दूसरे चुनाव में सत्ता में बनी रही।
शिअद अब लगातार 2 चुनाव जीत चुकी है।
अपने दम पर पार्टी 59 सीटों के बहुमत के आँकड़े से पीछे रह गई।
पहले की तरह, सत्ताधारी साझेदारी की कुल सीटें 68 तक पहुँचीं।
अहम आँकड़े
चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अपने आप में ध्यान खींचते हैं।
इस चुनाव का सबसे कड़ा मुक़ाबला फिल्लौर, पंजाब में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 31 वोट रहा।
(पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) 78.3% तक पहुँचा, जो अब तक इस राज्य में दर्ज सबसे ऊँचा था।
पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से गिल, पंजाब राज्य का सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, जिसकी मतदाता सूची में 1,94,529 नाम थे।
इस चुनाव में सबसे ज़्यादा उम्मीदवार लुधियाना पूर्व, पंजाब में उतरे, बैलट पर 16 उम्मीदवार थे।
पृष्ठभूमि
इस दौर में पंजाब का मुक़ाबला पहले की तरह उन्हीं दो पक्षों के बीच सीधी टक्कर बना रहा।