जालंधर शहर दक्षिण-पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
जगत नारायण (निर्दलीय) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 40.0% वोट पाकर जालंधर शहर दक्षिण-पश्चिम सीट जीती और सीता देवी (INC) को 3,080 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 94 खालड़ा थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 94 लुधियाना उत्तर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगत नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 13,17540.0% |
| 2 | सीता देवी | 10,09530.7% | |
| 3 | पारस राम | 4,09512.4% | |
| 4 | सतीश लूंबा | 3,2689.9% | |
| 5 | अमर नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9596.0% |
| 6 | करतार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3140.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.53 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।