श्री गोबिंदपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
गुरबचन सिंह (INC) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 47.0% वोट पाकर श्री गोबिंदपुर सीट जीती और गुरनाम सिंह (CPI) को 9,531 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 76 बाघा पुराना थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 76 फरीदकोट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गुरबचन सिंह 25.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुरबचन सिंह | 17,82247.0% | |
| 2 | गुरनाम सिंह | 8,29121.9% | |
| 3 | करम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,84312.8% |
| 4 | राम प्रकाश | 2,9797.9% | |
| 5 | चरण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7084.5% |
| 6 | जगदीश मित्तर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4483.8% |
| 7 | मिल्खा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8172.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।