फगवाड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
जोगिंदर सिंह (INC) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 36.6% वोट पाकर फगवाड़ा सीट जीती और स्वर्णा राम (BJP) को 1,186 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 43 शाम चौरासी थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 43 होशियारपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
फगवाड़ा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,186 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जोगिंदर सिंह INC-CPI Alliance | INC-CPI Alliance | 31,60136.6% |
| 2 | स्वर्णा राम NDA | NDA | 30,41535.2% |
| 3 | हरभजन सिंह | 20,22123.4% | |
| 4 | हरिन्दर कुमार | 1,0971.3% | |
| 5 | हंस राज निर्दलीय | निर्दलीय | 7620.9% |
| 6 | बलदेव राज | 6600.8% | |
| 7 | सुच्चा सिंह LBP | LBP | 6440.8% |
| 8 | जगदीश | 5430.6% | |
| 9 | संजीव कुमार BSP(A) | BSP(A) | 2590.3% |
| 10 | सतविंदर सिंह PBLP | PBLP | 1390.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फगवाड़ा से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1997 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1992 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1997 के 64.8% से घटकर 58.1% रह गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।