फरीदकोटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
कुशलदीप सिंह ढिल्लों (SAD) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 50.0% वोट पाकर फरीदकोट सीट जीती और अवतार सिंह बरार (INC) को 6,271 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 104 का नाम फरीदकोट था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 104 महल कलां है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कुशलदीप सिंह ढिल्लों BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | 57,28250.0% |
| 2 | अवतार सिंह बरार | 51,01144.5% | |
| 3 | गुरतेक सिंह सिद्धू LBP | LBP | 2,0331.8% |
| 4 | लछमन सिंह | 1,9681.7% | |
| 5 | पूजा बिष्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0830.9% |
| 6 | चमकौर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3360.3% |
| 7 | अवतार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2480.2% |
| 8 | रमेश कुमार | 2380.2% | |
| 9 | कैप्टन हरबंस सिंह रंधावा RRD | RRD | 2180.2% |
| 10 | हरबंस कौर | 1360.1% | |
| 11 | करम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SAD और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फरीदकोट से कौन जीता, 1977–2007
SAD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1997 में जीता था; SAD ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1997 के 72.8% से घटकर 70.3% रह गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।