फरीदकोटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
मनमोहन सिंह (SAD) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 59.1% वोट पाकर फरीदकोट सीट जीती और मेहर सिंह (INC) को 10,642 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 104 का नाम फरीदकोट था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 104 महल कलां है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मनमोहन सिंह 19.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मनमोहन सिंह Akali (Shiromani Akali Dal) | Akali (Shiromani Akali Dal) | 31,83259.1% |
| 2 | मेहर सिंह | 21,19039.4% | |
| 3 | कुलदीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4040.8% |
| 4 | वेद प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2550.5% |
| 5 | बाबू सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SAD और INC को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.98 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फरीदकोट से कौन जीता, 1977–2007
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।