फरीदकोटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
करनैल सिंह दोआद (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 38.7% वोट पाकर फरीदकोट सीट जीती और वीणा रानी (INC) को 7,175 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 104 का नाम फरीदकोट था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 104 महल कलां है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | करनैल सिंह दोआद निर्दलीय | निर्दलीय | 21,41038.7% |
| 2 | वीणा रानी | 14,23525.7% | |
| 3 | बलबीर सिंह बरार Akali (Shiromani Akali Dal) | Akali (Shiromani Akali Dal) | 12,72423.0% |
| 4 | जोगिंदर सिंह बरार वाम दल | वाम दल | 3,5486.4% |
| 5 | शेरी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5684.6% |
| 6 | मघर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4590.8% |
| 7 | लाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.3% |
| 8 | रत्तनचंद मोंगा निर्दलीय | निर्दलीय | 940.2% |
| 9 | चरण दास निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.63 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फरीदकोट से कौन जीता, 1977–2007
1980 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत 1980 के 72.5% से घटकर 52.5% रह गया। इसके बाद 1992 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।