मुकेरियांविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
डॉ. केवल कृष्ण (INC) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 46.2% वोट पाकर मुकेरियां सीट जीती और अरुणेश शंकर (BJP) को 9,063 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 52 जालंधर कैंट थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 52 खरड़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. केवल कृष्ण INC-CPI Alliance | INC-CPI Alliance | 43,57946.2% |
| 2 | अरुणेश शंकर NDA | NDA | 34,51636.6% |
| 3 | नरोत्तम सहबा | 7,0037.4% | |
| 4 | सोहन सिंह पंथे | 6,8907.3% | |
| 5 | ठा दियाल सिंह SJP(R) | SJP(R) | 8980.9% |
| 6 | च. शिवचरण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8270.9% |
| 7 | गुरमीत सिंह विर्क | 4020.4% | |
| 8 | शिबू भारती निर्दलीय | निर्दलीय | 2860.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और SAD(M) को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.80 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुकेरियां से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1997 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1992 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत लगभग 1997 जितना ही रहा: 71.8%। इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।