मलेरकोटलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
रज़िया सुल्ताना (INC) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 34.8% वोट पाकर मलेरकोटला सीट जीती और अजीत सिंह (निर्दलीय) को 179 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 81 डकाला थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 81 अबोहर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मलेरकोटला का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 179 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रज़िया सुल्ताना INC-CPI Alliance | INC-CPI Alliance | 37,55734.8% |
| 2 | अजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 37,37834.6% |
| 3 | अब्दुल गफ्फार | 16,10014.9% | |
| 4 | नुसरत अली खान NDA | NDA | 10,77710.0% |
| 5 | अब्दुल हमीद | 2,4282.3% | |
| 6 | मोहम्मद अरशद | 2,2682.1% | |
| 7 | सागीर LBP | LBP | 7550.7% |
| 8 | नसर निर्दलीय | निर्दलीय | 7370.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मलेरकोटला से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यह सीट SAD से छीन ली, जिसने इसे 1997 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1992 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1997 जितना ही रहा: 73.9%। इसके बाद 2007 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।