मलेरकोटलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
रज़िया सुल्ताना (INC) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 51.9% वोट पाकर मलेरकोटला सीट जीती और अब्दुल ग़फ़्फ़ार (SAD) को 14,200 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 81 डकाला थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 81 अबोहर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रज़िया सुल्ताना UPA | UPA | 72,18451.9% |
| 2 | अब्दुल ग़फ़्फ़ार NDA | NDA | 57,98441.7% |
| 3 | परमिंदर सिंह | 5,7504.1% | |
| 4 | गुरप्रीत सिंह | 9870.7% | |
| 5 | मोहम्मद अनवर निर्दलीय | निर्दलीय | 8230.6% |
| 6 | बंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5210.4% |
| 7 | गुरमीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5070.4% |
| 8 | मक़सूद-उल-हक निर्दलीय | निर्दलीय | 2370.2% |
| 9 | हाजी सुलेमान निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और SAD को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मलेरकोटला से कौन जीता, 1977–2007
INC ने 2002 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 34.8% से बढ़कर 51.9% हो गया। मतदान प्रतिशत 2002 के 73.9% से बढ़कर 83.1% हो गया।