मलेरकोटलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
साजिदा बेगम (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 50.3% वोट पाकर मलेरकोटला सीट जीती और हाजी अनवर अहमद खान (SAD) को 13,885 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 81 डकाला थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 81 अबोहर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — साजिदा बेगम 20.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | साजिदा बेगम | 33,43250.3% | |
| 2 | हाजी अनवर अहमद खान | 19,54729.4% | |
| 3 | रजनीश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 11,64017.5% |
| 4 | प्रेम सिंह JNP(SC) | JNP(SC) | 8361.3% |
| 5 | जग्गा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4630.7% |
| 6 | इन्द्र मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 4100.6% |
| 7 | मोहन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1170.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), SAD और एक निर्दलीय को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.70 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मलेरकोटला से कौन जीता, 1977–2007
INC(I) ने यह सीट SAD से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 75.3% से घटकर 69.9% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट SAD ने जीती।