जालंधर मध्यविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
राज कुमार गुप्ता (INC) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 47.6% वोट पाकर जालंधर मध्य सीट जीती और मनोरंजन कालिया (BJP) को 7,711 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 31 बटाला थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 31 नकोदर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राज कुमार गुप्ता INC-CPI Alliance | INC-CPI Alliance | 30,06647.6% |
| 2 | मनोरंजन कालिया NDA | NDA | 22,35535.4% |
| 3 | जय किशन सैनी निर्दलीय | निर्दलीय | 6,0379.6% |
| 4 | जोगिंदर सिंह टोनी | 2,4493.9% | |
| 5 | जगजीत सिंह संधू | 1,2562.0% | |
| 6 | बिक्रम सिंह NDA | NDA | 2990.5% |
| 7 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2690.4% |
| 8 | हरकोमलजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.3% |
| 9 | रविन्द्र गिल DBSP | DBSP | 1320.2% |
| 10 | रजनीश कुमार गुप्ता (नीतू) | 980.2% | |
| 11 | सुरिंदर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जालंधर मध्य से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1997 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1992 में जीत दर्ज की थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1997 के 57.7% से घटकर 49.6% रह गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।