जालंधर मध्यविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
यश (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 42.2% वोट पाकर जालंधर मध्य सीट जीती और मनमोहन कालिया (BJP) को 418 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 31 बटाला थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 31 नकोदर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
जालंधर मध्य का फ़ैसला सिर्फ़ 0.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 418 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | यश | 20,12842.2% | |
| 2 | मनमोहन कालिया | 19,71041.4% | |
| 3 | गुरबख्श सिंह निरुला | 3,8098.0% | |
| 4 | अशोक नंदा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3084.8% |
| 5 | देस राज मल्होत्रा JNP(SC) | JNP(SC) | 5871.2% |
| 6 | राम सरन निर्दलीय | निर्दलीय | 2600.6% |
| 7 | कृष्ण चन्द्र आहुजा निर्दलीय | निर्दलीय | 2410.5% |
| 8 | सुभाष मल्होत्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.3% |
| 9 | पूरन चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.3% |
| 10 | यश पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.2% |
| 11 | तरसेम लाल महाजन निर्दलीय | निर्दलीय | 780.2% |
| 12 | बलराज कृष्ण सेठी निर्दलीय | निर्दलीय | 630.1% |
| 13 | सोहन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 630.1% |
| 14 | सुभाष चन्द्र उपल निर्दलीय | निर्दलीय | 380.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), BJP और INC(U) को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जालंधर मध्य से कौन जीता, 1977–2007
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 58.3% से घटकर 55.7% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।