जालंधर मध्यविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1997
मनोरंजन कालिया (BJP) ने 1997 के विधान सभा चुनाव में 60.6% वोट पाकर जालंधर मध्य सीट जीती और जय किशन सैनी (INC) को 19,370 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 31 बटाला थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 31 नकोदर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मनोरंजन कालिया 27.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मनोरंजन कालिया BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997) | BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997) | 43,04160.6% |
| 2 | जय किशन सैनी | 23,67133.3% | |
| 3 | सत पाल दिनकर | 2,6863.8% | |
| 4 | विजय कुमार हंस BSP(A) | BSP(A) | 5520.8% |
| 5 | गगन कुमार | 3020.4% | |
| 6 | रणबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2650.4% |
| 7 | अवतार सिंह संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 2430.3% |
| 8 | वरियाम सिंह राजपूत निर्दलीय | निर्दलीय | 990.1% |
| 9 | प्रकाश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 890.1% |
| 10 | सुभाष चन्द्र ABSR | ABSR | 850.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.08 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जालंधर मध्य से कौन जीता, 1977–2007
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1992 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1992 के 37.6% से बढ़कर 57.7% हो गया। इसके बाद 2002 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।