संगरूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
अरविन्द खन्ना (INC) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 44.2% वोट पाकर संगरूर सीट जीती और रंजीत सिंह बालियान (निर्दलीय) को 19,132 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 86 धूरी थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 86 मुक्तसर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अरविन्द खन्ना 20.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अरविन्द खन्ना INC-CPI Alliance | INC-CPI Alliance | 42,33944.2% |
| 2 | रंजीत सिंह बालियान निर्दलीय | निर्दलीय | 23,20724.2% |
| 3 | सन्मुख सिंह NDA | NDA | 15,63016.3% |
| 4 | जीत सिंह अलोआरख | 9,1689.6% | |
| 5 | पवितर सिंह | 3,1483.3% | |
| 6 | अमरजीत सिंह टीटू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3771.4% |
| 7 | वेद प्रकाश उर्फ़ कुकू गिल | 4450.5% | |
| 8 | हरमेल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3290.3% |
| 9 | राज कुमार लोमश | 1500.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
संगरूर से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यह सीट SAD से छीन ली, जिसने इसे 1997 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1992 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1997 के 72.9% से घटकर 65.6% रह गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।