पंजाब 2002 के नक्शे पर वापस जाएँ
पंजाब · विधान सभा सीट नंबर 44

बलाचौरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002

नन्द लाल (SAD) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 41.8% वोट पाकर बलाचौर सीट जीती और राम किशन कटारिया (INC) को 10,343 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 44 टांडा थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 44 चब्बेवाल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

नन्द लाल
SAD· BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन)
SAD 41.8%INC 28.9%5 अन्य 29.3%
मिले वोट
33,629
मतों का 41.8%
जीत का अंतर
10,343
कुल वोटों का 12.9%
उम्मीदवार
7
मतदान प्रतिशत
69.3%
1,16,042 मतदाताओं में से

12.9% के अंतर से साफ़ जीत।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

7 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
नन्द लाल
BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन)
BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन)
33,62941.8%
2
राम किशन कटारिया
23,28628.9%
3
हरगोपाल सिंह
14,36617.9%
4
संसार सिंह
निर्दलीय
निर्दलीय
6,8198.5%
5
चरण सिंह राणा
निर्दलीय
निर्दलीय
9151.1%
6
दौलत सिंह
8481.1%
7
अमर चन्द
निर्दलीय
निर्दलीय
5820.7%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
12.9%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
69%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
कई दावेदारों वाला मुक़ाबला

सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.36

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
117 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 59

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
41.8%SAD की जीत
SAD 41.8%INC 28.9%BSP 17.9%निर्दलीय 8.5%अन्य 2.9%

यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

बलाचौर से कौन जीता, 1977–2007

SAD ने 1997 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.0% से घटकर 41.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1997 के 64.0% से बढ़कर 69.3% हो गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में भी SAD ने यह सीट अपने पास रखी।

  1. 1977राम किशन (JNP), जीत का अंतर 1.5%
  2. 1980दलीप चन्द (INC(I)), जीत का अंतर 19.8%
  3. 1985राम किशन (IND), जीत का अंतर 11.6%
  4. 1992हरगोपाल सिंह (BSP), जीत का अंतर 6.7%
  5. 1997नन्द लाल (SAD), जीत का अंतर 25.6%
  6. 2002नन्द लाल (SAD), जीत का अंतर 12.9%
  7. 2007नन्द लाल (SAD), जीत का अंतर 1.1%