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पंजाब · विधान सभा सीट नंबर 44

बलाचौरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1997

नन्द लाल (SAD) ने 1997 के विधान सभा चुनाव में 53.0% वोट पाकर बलाचौर सीट जीती और हरगोपाल सिंह (BSP) को 20,522 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 44 टांडा थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 44 चब्बेवाल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

नन्द लाल
SAD· BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997)
SAD 53.0%BSP 27.3%5 अन्य 19.7%
मिले वोट
42,403
मतों का 53.0%
जीत का अंतर
20,522
कुल वोटों का 25.6%
उम्मीदवार
7
मतदान प्रतिशत
64.0%
1,25,037 मतदाताओं में से

सुरक्षित अंतर से जीत — नन्द लाल 25.6% से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

7 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
नन्द लाल
BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997)
BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997)
42,40353.0%
2
हरगोपाल सिंह
21,88127.3%
3
सुरजीत भाटिया
12,58515.7%
4
मेहर चन्द
संयुक्त मोर्चा
संयुक्त मोर्चा
1,4771.9%
5
नज़र सिंह
निर्दलीय
निर्दलीय
1,0651.3%
6
राम किशन
निर्दलीय
निर्दलीय
4030.5%
7
हरमेश रंगीला
BSP(A)
BSP(A)
2180.3%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
25.6%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
64%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

SAD, BSP और INC को 96% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.63

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
117 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 59

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
53.0%SAD की जीत
SAD 53.0%BSP 27.3%INC 15.7%अन्य 4.0%

यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

बलाचौर से कौन जीता, 1977–2007

SAD ने यह सीट BSP से छीन ली, जिसने इसे 1992 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह SAD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1992 के 42.0% से बढ़कर 64.0% हो गया। इसके बाद 2002 के चुनाव में भी SAD ने यह सीट अपने पास रखी।

  1. 1977राम किशन (JNP), जीत का अंतर 1.5%
  2. 1980दलीप चन्द (INC(I)), जीत का अंतर 19.8%
  3. 1985राम किशन (IND), जीत का अंतर 11.6%
  4. 1992हरगोपाल सिंह (BSP), जीत का अंतर 6.7%
  5. 1997नन्द लाल (SAD), जीत का अंतर 25.6%
  6. 2002नन्द लाल (SAD), जीत का अंतर 12.9%
  7. 2007नन्द लाल (SAD), जीत का अंतर 1.1%