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पंजाब · विधान सभा सीट नंबर 87

दिड़बाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002

सुरजीत सिंह धीमान (निर्दलीय) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 36.6% वोट पाकर दिड़बा सीट जीती और बलदेव सिंह मान (SAD) को 996 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 87 मलेरकोटला थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 87 फरीदकोट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

सुरजीत सिंह धीमान
IND
निर्दलीय 36.6%SAD 35.5%5 अन्य 27.9%
मिले वोट
35,099
मतों का 36.6%
जीत का अंतर
996
कुल वोटों का 1.0%
उम्मीदवार
7
मतदान प्रतिशत
76.3%
1,25,716 मतदाताओं में से

दिड़बा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 996 से भी कम वोटों का फ़ासला था।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

7 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
सुरजीत सिंह धीमान
निर्दलीय
निर्दलीय
35,09936.6%
2
बलदेव सिंह मान
NDA
NDA
34,10335.5%
3
गुरचरन सिंह दिर्भा
17,38718.1%
4
चेत सिंह
3,9884.2%
5
चन्द सिंह छठा
2,9813.1%
6
करमजीत सिंह
निर्दलीय
निर्दलीय
1,5211.6%
7
पाला सिंह
BSP(A)
BSP(A)
8810.9%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
1.0%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
76%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
कई दावेदारों वाला मुक़ाबला

सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.38

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
117 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 59

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
36.6%निर्दलीय की जीत
निर्दलीय 36.6%SAD 35.5%INC 18.1%अन्य 9.8%

यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

दिड़बा से कौन जीता, 1977–2007

एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1997 में जीता था। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1997 के 81.0% से घटकर 76.3% रह गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।

  1. 1977बलदेव सिंह (SAD), जीत का अंतर 23.4%
  2. 1980बलदेव सिंह (SAD), जीत का अंतर 10.5%
  3. 1985बलदेव सिंह (SAD), जीत का अंतर 24.1%
  4. 1992गुरचरण सिंह (INC), जीत का अंतर 5.8%
  5. 1997गुरचरन सिंह (INC), जीत का अंतर 6.8%
  6. 2002सुरजीत सिंह धीमान (IND), जीत का अंतर 1.0%
  7. 2007सुरजीत सिंह धीमान (INC), जीत का अंतर 1.0%