चमकौर साहिबविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
सतवंत कौर (SAD) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 45.6% वोट पाकर चमकौर साहिब सीट जीती और भाग सिंह (INC) को 9,098 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 67 लुधियाना दक्षिण थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 67 पायल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सतवंत कौर BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | 33,51145.6% |
| 2 | भाग सिंह | 24,41333.2% | |
| 3 | जसपाल सिंह | 5,6507.7% | |
| 4 | शमशेर सिंह राय निर्दलीय | निर्दलीय | 5,2597.2% |
| 5 | रुपिंदर कौर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5253.4% |
| 6 | हरपाल सिंह RRD | RRD | 7000.9% |
| 7 | शमशेर सिंह | 6340.9% | |
| 8 | सविंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4180.6% |
| 9 | मेजर सिंह LBP | LBP | 3320.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चमकौर साहिब से कौन जीता, 1977–2007
SAD ने 1997 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 58.0% से घटकर 45.6% रह गया। मतदान प्रतिशत 1997 के 61.3% से बढ़कर 66.7% हो गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।