पहली बार सरकार बदली
क्या हुआ
उत्तराखंड में सत्ता बदली: एक नई पार्टी निवर्तमान सरकार से आगे निकलकर सदन की सबसे बड़ी पार्टी बन गई।
भारतीय जनता पार्टी ने 69 में से 34 सीटें जीतीं, और विधान सभा (ऐसा परिणाम जिसमें किसी एक पार्टी को अकेले सरकार बनाने लायक सीटें नहीं मिलतीं) रही।
निवर्तमान इंडियन नेशनल कांग्रेस पीछे खिसककर 21 सीटों पर आ गई।
क्या बदला
इस बदलाव का सबसे साफ़ संकेत यह था कि कितनी सीटें सीधे दो मुख्य पार्टियों के बीच एक से दूसरी के पास गईं।
पिछले चुनाव से जिन 69 निर्वाचन क्षेत्रों की तुलना की गई, उनमें से 34 में जीतने वाली पार्टी बदल गई।
सबसे बड़ा बदलाव यह रहा कि 20 सीटें सीधे कांग्रेस से भाजपा के पास गईं।
अहम आँकड़े
मतगणना के कुछ आँकड़े अपने आप में ध्यान खींचते हैं।
कहीं भी सबसे कड़ा मुक़ाबला: नरेंद्रनगर, उत्तराखंड का फ़ैसला सिर्फ़ 4 वोटों से हुआ, जो उस साल किसी भी सीट पर सबसे कम (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) था।
दूसरी ओर, सबसे एकतरफ़ा मुक़ाबला हरिद्वार, उत्तराखंड में हुआ, जहाँ विजेता ने दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार को 31.7% वोटों के अंतर से हराया।
साल का सबसे अच्छा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) पंतनगर-गदरपुर, उत्तराखंड में रहा, जहाँ लगभग 76.8% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।
राज्य भर में मतदान प्रतिशत भी बढ़कर 63.0% हो गया, जो पिछले चुनाव से 8.7 प्रतिशत अंक ज़्यादा था।
पृष्ठभूमि
उत्तराखंड बनने के कुछ ही समय बाद इस नए राज्य में पहली बार सरकार बदली।