नंदप्रयागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
राजेन्द्र सिंह भंडारी (निर्दलीय) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 24.3% वोट पाकर नंदप्रयाग सीट जीती और महेन्द्र प्रसाद भट्ट (BJP) को 1,790 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 39 चौबट्टाखाल है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। राजेन्द्र सिंह भंडारी 4.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेन्द्र सिंह भंडारी निर्दलीय | निर्दलीय | 9,84924.3% |
| 2 | महेन्द्र प्रसाद भट्ट NDA | NDA | 8,05919.9% |
| 3 | बलवंत सिंह नेगी UPA | UPA | 5,58113.8% |
| 4 | भगवती प्रसाद रतूड़ी BJSH | BJSH | 4,83111.9% |
| 5 | सत्येन्द्र सिंह बर्तवाल UPA | UPA | 4,80511.8% |
| 6 | आनन्द सिंह | 3,3198.2% | |
| 7 | लखपत सिंह | 2,9467.3% | |
| 8 | कमल किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 6221.5% |
| 9 | ताजबर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5371.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 58% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नंदप्रयाग से कौन जीता, 2002–2007
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2002 के 59.2% से बढ़कर 63.8% हो गया।
- 2002महेन्द्र भट्ट (BJP), जीत का अंतर 5.0%
- 2007राजेन्द्र सिंह भंडारी (IND), जीत का अंतर 4.4%