कांडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
बलवंत सिंह भौर्याल (BJP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 39.7% वोट पाकर कांडा सीट जीती और उमेद सिंह (INC) को 2,103 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 43 डीडीहाट है।
विजेता
5.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बलवंत सिंह भौर्याल NDA | NDA | 14,32439.7% |
| 2 | उमेद सिंह UPA | UPA | 12,22133.9% |
| 3 | बहादुर राम | 5,28014.6% | |
| 4 | हीरा बल्लभ भट्ट UKKD | UKKD | 1,3493.7% |
| 5 | हयात सिंह बजेठा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0723.0% |
| 6 | हरगोविन्द जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 8852.5% |
| 7 | बहादुर सिंह | 3771.1% | |
| 8 | विजय सिंह रावत निर्दलीय | निर्दलीय | 2810.8% |
| 9 | आनन्द सिंह BJSH | BJSH | 2680.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कांडा से कौन जीता, 2002–2007
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2002 के 59.0% से बढ़कर 63.2% हो गया।
- 2002उम्मेद सिंह मजिला (INC), जीत का अंतर 3.5%
- 2007बलवंत सिंह भौर्याल (BJP), जीत का अंतर 5.8%