पिथौरागढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
प्रकाश पन्त (BJP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 50.9% वोट पाकर पिथौरागढ़ सीट जीती और रविन्द्र सिंह (किरण मालदार) (INC) को 5,990 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 66 रुद्रपुर है।
विजेता
11.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रकाश पन्त NDA | NDA | 26,85550.9% |
| 2 | रविन्द्र सिंह (किरण मालदार) UPA | UPA | 20,86539.5% |
| 3 | शंकर राम कोहली निर्दलीय | निर्दलीय | 8981.7% |
| 4 | उमेश चन्द्र UPA | UPA | 7841.5% |
| 5 | भूपेन्द्र सिंह BJSH | BJSH | 6691.3% |
| 6 | सलीम खान | 6361.2% | |
| 7 | राम दत्त जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 5741.1% |
| 8 | जोध सिंह UKKD | UKKD | 4530.9% |
| 9 | जगदीश चन्द्र लोहनी | 4330.8% | |
| 10 | गुलज़ार खान निर्दलीय | निर्दलीय | 4030.8% |
| 11 | रतन राम दयाल उर्फ़ रतनधन निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिथौरागढ़ से कौन जीता, 2002–2007
BJP ने 2002 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 39.1% से बढ़कर 50.9% हो गया। मतदान प्रतिशत 2002 के 54.9% से बढ़कर 62.6% हो गया।
- 2002प्रकाश पन्त (BJP), जीत का अंतर 15.0%
- 2007प्रकाश पन्त (BJP), जीत का अंतर 11.3%