पौड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
यशपाल बेनाम (निर्दलीय) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 31.4% वोट पाकर पौड़ी सीट जीती और तीरथ सिंह रावत (BJP) को 11 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 33 मंगलोर है।
विजेता
पौड़ी का फ़ैसला सिर्फ़ 0.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 11 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | यशपाल बेनाम निर्दलीय | निर्दलीय | 10,93631.4% |
| 2 | तीरथ सिंह रावत NDA | NDA | 10,92531.3% |
| 3 | नरेन्द्र सिंह भंडारी UPA | UPA | 8,43924.2% |
| 4 | सुदर्शन सिंह नेगी UKKD | UKKD | 1,9825.7% |
| 5 | जगपाल सिंह | 8862.5% | |
| 6 | महाबीर सिंह नेगी BJSH | BJSH | 5821.7% |
| 7 | बचन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5241.5% |
| 8 | प्रेम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3040.9% |
| 9 | युवराज सिंह | 2910.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.85 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पौड़ी से कौन जीता, 2002–2007
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2002 के 47.6% से बढ़कर 56.3% हो गया।
- 2002नरेन्द्र सिंह भंडारी (INC), जीत का अंतर 9.9%
- 2007यशपाल बेनाम (IND), जीत का अंतर 0.0%