देवप्रयागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
दिवाकर भट्ट (UKKD) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 51.0% वोट पाकर देवप्रयाग सीट जीती और मंत्री प्रसाद नैथानी (INC) को 11,595 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 7 केदारनाथ है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — दिवाकर भट्ट 28.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दिवाकर भट्ट UKKD | UKKD | 20,98051.0% |
| 2 | मंत्री प्रसाद नैथानी UPA | UPA | 9,38522.8% |
| 3 | मगन सिंह NDA | NDA | 6,51515.8% |
| 4 | विनोद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3563.3% |
| 5 | दीप चन्द टम्टा | 1,2052.9% | |
| 6 | चन्द्र भानु पंवार निर्दलीय | निर्दलीय | 7411.8% |
| 7 | बिलेश्वर | 5411.3% | |
| 8 | करण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3910.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
UKKD, INC और BJP को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
देवप्रयाग से कौन जीता, 2002–2007
UKKD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2002 के 45.6% से बढ़कर 60.1% हो गया।
- 2002मंत्री प्रसाद नैथानी (INC), जीत का अंतर 6.8%
- 2007दिवाकर भट्ट (UKKD), जीत का अंतर 28.2%