रिकॉर्ड बहुमत
क्या हुआ
इंडियन नेशनल कांग्रेस भारी हार के साथ सत्ता से बाहर हो गई, और उसकी प्रतिद्वंद्वी ने राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी जीत दर्ज की।
भारतीय जनता पार्टी ने 70 सीटों में से 57 सीटें जीतीं।
इससे वह बहुमत के आँकड़े से 21 सीटें आगे रही।
सत्ता से बाहर हो रही कांग्रेस सिर्फ़ 11 सीटों पर सिमट गई।
क्या बदला
इस बदलाव का पैमाना हर सीट पर भी दिखता है।
पिछले चुनाव से जिन 70 निर्वाचन क्षेत्रों की तुलना की गई, उनमें से 36 में जीतने वाली पार्टी बदल गई।
सबसे बड़ा बदलाव यह रहा कि 25 सीटें सीधे कांग्रेस से भाजपा के पास गईं।
अहम आँकड़े
मतगणना के कुछ आँकड़े अपने आप में ध्यान खींचते हैं।
कहीं भी सबसे कड़ा मुक़ाबला: जागेश्वर, उत्तराखंड का फ़ैसला सिर्फ़ 399 वोटों से हुआ, जो उस साल किसी भी सीट पर सबसे कम (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) था।
दूसरी ओर, सबसे एकतरफ़ा मुक़ाबला हरिद्वार, उत्तराखंड में हुआ, जहाँ विजेता ने दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार को 38.4% वोटों के अंतर से हराया।
साल का सबसे अच्छा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) लक्सर, उत्तराखंड में रहा, जहाँ लगभग 81.9% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।
पूरे राज्य में 50,426 वोट (इनमें से कोई नहीं (नोटा) — मतपत्र का वह विकल्प, जिससे मतदाता सामने खड़े सभी उम्मीदवारों को औपचारिक रूप से नकार सकते हैं) को गए — कुल डाले गए वोटों का 1.0%।
पृष्ठभूमि
पिछली बार दो प्रतिद्वंद्वी धड़ों में बँटने के बाद उत्तराखंड की क्षेत्रीय पार्टी इस चुनाव में फिर एक हो गई।