रानीखेतविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
करण माहरा (INC) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 36.8% वोट पाकर रानीखेत सीट जीती और अजय भट्ट (BJP) को 205 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 48 द्वाराहाट है।
विजेता
रानीखेत का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 205 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | करण माहरा UPA | UPA | 13,50336.8% |
| 2 | अजय भट्ट NDA | NDA | 13,29836.3% |
| 3 | पूरन सिंह | 6,73618.4% | |
| 4 | हरि सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1083.0% |
| 5 | प्रकाश चन्द्र सिंह BJSH | BJSH | 5111.4% |
| 6 | विमला नेगी UKKD | UKKD | 4771.3% |
| 7 | श्रीधर पन्त VVS | VVS | 4411.2% |
| 8 | जसवंत सिंह | 3781.0% | |
| 9 | प्रदीप कुमार भंडारी SJP(R) | SJP(R) | 2070.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रानीखेत से कौन जीता, 2002–2007
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2002 के 52.1% से बढ़कर 60.9% हो गया।
- 2002अजय भट्ट (BJP), जीत का अंतर 7.6%
- 2007करण माहरा (INC), जीत का अंतर 0.6%