गंगोत्रीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
गोपाल सिंह रावत (BJP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 47.6% वोट पाकर गंगोत्री सीट जीती और विजयपाल सिंह (INC) को 5,546 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 2 यमुनोत्री है।
विजेता
10.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोपाल सिंह रावत NDA | NDA | 24,25047.6% |
| 2 | विजयपाल सिंह UPA | UPA | 18,70436.7% |
| 3 | चैतराम | 2,3484.6% | |
| 4 | कमला राम | 2,2724.5% | |
| 5 | प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8321.6% |
| 6 | जगदीश सिंह पोखरियाल BJSH | BJSH | 6111.2% |
| 7 | डॉ. देवेन्द्र दत्त सेमवाल UPA | UPA | 4720.9% |
| 8 | नरेश चमोली निर्दलीय | निर्दलीय | 3800.8% |
| 9 | नारायणी NDA | NDA | 3770.7% |
| 10 | पूरनचंद | 2570.5% | |
| 11 | देव सिंह | 2120.4% | |
| 12 | दुर्गेश मिश्रा UPA | UPA | 1960.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.73 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गंगोत्री से कौन जीता, 2002–2007
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2002 के 59.8% से बढ़कर 70.3% हो गया।
- 2002विजयपाल सिंह सजवाण (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 2007गोपाल सिंह रावत (BJP), जीत का अंतर 10.9%