लोहाघाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
महेन्द्र सिंह महरा माहुन भाई (INC) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 36.2% वोट पाकर लोहाघाट सीट जीती और कृष्ण चन्द्र पुनेठा (BJP) को 1,610 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 65 गदरपुर है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। महेन्द्र सिंह महरा माहुन भाई 3.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महेन्द्र सिंह महरा माहुन भाई UPA | UPA | 15,43336.2% |
| 2 | कृष्ण चन्द्र पुनेठा NDA | NDA | 13,82332.4% |
| 3 | ललित मोहन पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 4,63510.9% |
| 4 | प्रहलाद सिंह UKKD | UKKD | 3,2097.5% |
| 5 | कल्याण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5293.6% |
| 6 | सुन्दर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1242.6% |
| 7 | अंबी राम | 1,1032.6% | |
| 8 | सुरेश तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0522.5% |
| 9 | उषा देवी | 7111.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.89 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लोहाघाट से कौन जीता, 2002–2007
INC ने 2002 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 22.4% से बढ़कर 36.2% हो गया। मतदान प्रतिशत 2002 के 51.8% से बढ़कर 57.0% हो गया।
- 2002महेन्द्र सिंह महरा (महू भाई) (INC), जीत का अंतर 1.5%
- 2007महेन्द्र सिंह महरा माहुन भाई (INC), जीत का अंतर 3.8%